विकासनगर(आरएनएस)। चकराता वन प्रभाग ने रविवार को हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे मीनस में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी की। कई जगहों पर मार्ग को अवरुद्ध किया गया। हालांकि वन विभाग की कार्रवाई की पहले ही जानकारी मिलने से खनन माफिया और मजदूर हिमाचल की सीमा में भाग गए। चकराता वन प्रभाग की देवघार, कनासर और रीवर रेंज की संयुक्त टीम ने रविवार को लाव लश्कर के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में छापेमारी की। मीनस से तीन किलोमीटर आगे क्वानू की ओर अवैध उप खनिज ढुलान में लगे खच्चर, घोड़ा मालिक वन विभाग की कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गए। पुल पार पांवटा-शिलाई रोड पर खड़े ट्रैक्टर, लोडर वाहन चालकों को भी खच्चर वालों ने सतर्क कर दिया। इसके चलते सभी वाहन खाली ही वापस लौट गए। बताया जा रहा है कि वन विभाग की छापेमारी की सूचना विभागीय स्तर से ही लीक हुई। राजस्व पुलिस और वन कर्मियों की शह पर मीनस, आसोई, पाटन के आसपास अवैध खनन कर उप खनिज हिमाचल प्रदेश सप्लाई किया जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी देवघार रेंज हरीश चौहान ने बताया मीनस पुल के पास रास्ता अवरूद्ध कर दिया गया। आसोई पाटन में स्थानीय लोगों खच्चरों से ढुलान कर दूसरे प्रदेश को रेता-बजरी बेच रहे है। तीनों रेंज मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर से अधिक दूर होने का फायदा खनन माफिया उठा रहा है। डीएफओ चकराता मयंक शेखर झा ने कहा कि जिस रेंज सीमा क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत मिलेगी, संबंधित रेंज कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग की कार्रवाई की भनक लगते ही भागे खनन माफिया


