देहरादून(आरएनएस)।  उत्तराखंड में तमाम दिग्गज नेताओं में स्व. एचएन बहुगुणा और स्व. एनडी तिवारी के बाद सबसे लंबा संसदीय अनुभव डॉ. इंदिरा हृदयेश के पास था। पुण्य तिथि पर याद करते हुए वक्ताओं ने डॉ. हृदयेश को कुशल प्रशासक व लोकप्रिय नेता बताया। कांग्रेस मुख्यालय भवन में गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि डॉ. इंदिरा हृदयेश एक लोकप्रिय नेता होने के साथ साथ बहुत ही कुशल प्रशासक थीं। सदन में फ्लोर मैनेजमेंट में उनका कोई सानी नहीं था। उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद वे पहली अंतरिम विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता रहीं और पहली निर्वाचित सरकार में विधायक बनने के साथ पीडब्लूडी व संसदीय कार्य मंत्री बनीं। तीसरी विधानसभा में पुनः वित्तमंत्री बनीं और चौथी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनीं। धस्माना ने कहा कि प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए वे हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनीं रहेंगी। इस अवसर पर महामंत्री राजेंद्र शाह, जगदीश धीमान, प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, प्रदेश एससी, एसटी व ओबीसी प्रकोष्ठ के मुख्य समन्वयक सीपी सिंह, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, शीश पाल सिंह बिष्ट, प्रदेश महिला कांग्रेस की महामंत्री सुशीला शर्मा, निधि नेगी, सूरज क्षेत्री आदि उपस्थित रहे।

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