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ई-रिक्शा से लगी बच्‍चे को टक्‍कर, ड्राइवर को बुरी तरह से पीटा; दिमाग की नस फटी

देहरादून(आरएनएस)।   वसंत विहार में बच्चे को ई-रिक्शा की टक्कर लगने पर चालक को इतना पीटा कि उसकी दिमाग की नस ही पट गई। आरोपितों ने उनसे क्षतिपूर्ति के 10 हजार रुपये भी ले लिए। ई-रिक्शा को निजी अस्पताल के आइसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई है। चिकित्सक ने उसके ब्रेन को मृत घोषित कर दिया है साथ ही बचने की कोई उम्मीद नहीं बताई है। पुलिस ने तीन आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। अनिता थापा निवासी पितांबरपुर बड़ोंवाला ने पुलिस को बताया कि उनके जीजा मनबहादुर राणा निवासी लक्ष्मीपुर उम्मेदपुर प्रेमनगर ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे।
मंगलवार शाम को वह ई-रिक्शा से वसंत विहार पर ब्लिंकिट स्टोर के पास जा रहे थे तो अभी उनके सामने अचानक एक बच्चा आ गया। इससे बच्चे को चोटें आ गई। उसने बच्चे का हालचाल जानने के लिए ई-रिक्शा रोका तभी बच्चे के पिता गजेंद्र सिंह, माता सीमा सिंह और उसके चाचा मनी मौके पर पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी।
तीनों आरोपितों ने लात-घूसों से मनबहादुर राणा की पिटाई कर दी, जिसके कारण वह लहु-लुहान हो गए। आसपास खड़े लोगों ने उन्हें आरोपितों के चुंगल से छुड़ाया और गंभीर हालत में अपने वाहन से उनके घर लक्ष्मीपुर ले गए। इसके बावजूद भी आरोपित मनी ने मनबहादुर के खाते से अपने खाते में बच्चे के इलाज के लिए 10 हजार रुपये डलवा दिए। कुछ देर बाद मनबहादुर जोकि गंभीर रूप से घायल थे, बेहोश हो गए थे। उनको श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि उनके दिमाग की नसें फट चुकी हैं और वेंटिलेशन पर रख दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि चिकित्सकों का कहना है कि उनके जीजा मनबहादुर के दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है और उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है। थानाध्यक्ष वसंत विहार अशोक राठौर ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपित गजेंद्र सिंह उनकी पत्नी सीमा सिंह और गजेंद्र सिंह छोटे भाई मनी सिंह के विरुद्ध हत्या के प्रयास के मुकदमा दर्ज कर लिया है। अस्पताल में भर्ती मनबहादुर की हालत बहुत नाजुक बनी हुई है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।