अल्मोड़ा। जनपद में महिला सुरक्षा और जन-जागरूकता को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत महिला कोतवाली अल्मोड़ा की ओर से ग्राम तल्ला फलसीमा में जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और सहायता से जुड़े विभिन्न माध्यमों की जानकारी दी गई। यह जागरूकता कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित हुआ। महिला कोतवाली की प्रभारी निरीक्षक जानकी भंडारी के नेतृत्व में महिला कांस्टेबल इंद्रा भट्ट जोशी और द्रौपदी सुयाल ने ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया। चौपाल के दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अन्य अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता के लिए डायल 112, महिला हेल्पलाइन 1090 और 181 पर सूचना देने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों से हो रहे अपराधों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया गया। महिलाओं को नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के बारे में भी सरल भाषा में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सड़क सुरक्षा माह के तहत यातायात नियमों के पालन और पुलिस के साथ सहयोग करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन 1930, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपदा हेल्पलाइन 1070 के उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को कानून और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सतर्क बनाना है, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में वे बिना संकोच सहायता प्राप्त कर सकें।
जागरूकता चौपाल में सुरक्षा कानूनों और साइबर अपराध पर दी गई जानकारी


