अल्मोड़ा। भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी उत्तराखंड राज्य शाखा कार्यालय को सील किए जाने से प्रदेशभर में रेडक्रॉस की मानवीय गतिविधियां ठप होने का आरोप लगाते हुए जिला शाखा अल्मोड़ा ने विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा अल्मोड़ा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर राज्य शाखा कार्यालय को तत्काल खोले जाने और वैधानिक रूप से कार्य बहाल करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि रेडक्रॉस सोसाइटी अधिनियम 1920 और शाखा समिति नियम–2017 के प्रावधानों के तहत दिसंबर 2025 में उत्तराखंड राज्य शाखा समिति का विधिवत गठन किया गया था। इसके बाद राज्य शाखा कार्यालय से प्रशासनिक, राहत और सेवा संबंधी कार्य नियमित रूप से संचालित किए जा रहे थे। आरोप लगाया गया कि 22 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 164 और 165 के तहत राज्य शाखा कार्यालय को अचानक सील कर दिया गया, जिससे न केवल राज्य स्तर पर बल्कि समस्त जिला शाखाओं का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि राज्यपाल, राज्य रेडक्रॉस शाखा के अध्यक्ष होने के नाते हस्तक्षेप कर उत्तराखंड राज्य शाखा कार्यालय को यथावत रूप से खुलवाएं, ताकि वर्तमान वैधानिक राज्य कार्यकारिणी के माध्यम से रेडक्रॉस की सभी गतिविधियों का संचालन दोबारा शुरू हो सके। रेडक्रॉस अल्मोड़ा का कहना है कि कार्यालय बंद होने से राहत कार्य, आपदा प्रबंधन, रक्तदान समन्वय, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य मानवीय गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं, जिससे संस्था की साख को भी नुकसान पहुंच रहा है। जिला शाखा अल्मोड़ा ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो मानवीय सहायता से जुड़े कार्यों पर इसका सीधा और गंभीर प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में रेडक्रॉस अल्मोड़ा के अध्यक्ष आशीष वर्मा, कोषाध्यक्ष दीप जोशी, डॉक्टर जे. सी. दुर्गापाल, युवा रेडक्रॉस अध्यक्ष एवं पार्षद अमित शाह मोनू, पार्षद अभिषेक जोशी, कृष्ण बहादुर सिंह, अनूप साह, रीता दुर्गापाल, पुष्पा सती और मीता उपाध्याय शामिल रहे।
राज्य रेडक्रॉस कार्यालय सील होने पर अल्मोड़ा रेडक्रॉस ने भेजा ज्ञापन


