अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित हुई। बैठक में हाल की आपराधिक घटनाओं, लंबित मामलों, बीट पुलिसिंग, गश्त, साइबर अपराध और पिकेट व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सम्मेलन में जवानों की समस्याएं सुनी गईं और उनके समाधान के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने फिटनेस के लिए खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, ‘ऑपरेशन भल छौ’ के तहत वरिष्ठ नागरिकों से नियमित मुलाकात, तथा सर्द रातों में गश्त करने वाले जवानों के लिए चाय और अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। नशा तस्करों, गैंगस्टरों और आदतन अपराधियों की संपत्तियों का ब्यौरा खंगालकर जब्ती कार्रवाई की तैयारी भी जारी है। थाना प्रभारियों को लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण, महिला उत्पीड़न, चोरी, मारपीट और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर शिकायतों को गंभीरता से लेकर एफआईआर पंजीकृत करने और जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया गया। थाना देघाट के थानाध्यक्ष अजेन्द्र प्रसाद और कांस्टेबल नीरज बिष्ट को विशेष उपलब्धियों के लिए पुलिस ऑफिसर ऑफ द मंथ चुना गया, जबकि 25 अन्य पुलिसकर्मियों को सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह, सीओ रानीखेत विमल प्रसाद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेन्द्र सिंह कुंवर सहित जिले के कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
एसएसपी की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, अपराध पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी


