अल्मोड़ा। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में समाजशास्त्र परिषद की ओर से ‘ऑनलाइन शिक्षा एवं सामाजिक असमानता’ विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज, देहरादून के चेयरपर्सन डॉ. देवेंद्र बुडाकोटी ने ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार और इससे जुड़ी सामाजिक असमानताओं के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. बुडाकोटी ने कहा कि 21वीं सदी को सूचना प्रौद्योगिकी की सदी कहा जाता है। पिछले एक दशक में और विशेषकर कोविड-19 महामारी के बाद भारत में शिक्षा के स्वरूप में व्यापक बदलाव आया है। ब्लैकबोर्ड की जगह स्मार्टफोन और पारंपरिक कक्षा की जगह ऑनलाइन माध्यमों ने ले ली है। सरकार की ओर से स्वयं प्रभा जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार के साथ इसके पीछे मौजूद सामाजिक असमानताओं को भी समझना जरूरी है। उन्होंने आर्थिक, लैंगिक, ग्रामीण-शहरी, जातिगत तथा गुणवत्ता और भाषा से जुड़ी असमानताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि डिजिटल संसाधनों और सुविधाओं तक समान पहुंच नहीं होने का असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ सकता है। व्याख्यान के दौरान ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ी असमानताओं के दुष्परिणामों पर भी चर्चा की गई। इनमें विद्यार्थियों की पढ़ाई छूटने की दर में वृद्धि और डिजिटल कौशल की कमी के कारण रोजगार के अवसरों में पीछे रह जाने का खतरा प्रमुख रूप से शामिल रहा। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से सामाजिक असमानता को कम करने के लिए विभिन्न सुझाव भी दिए। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. मनप्रीत सिंह ने की, जबकि संचालन समाजशास्त्र विभाग प्रभारी डॉ. इला बिष्ट ने किया।