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सतत विकास लक्ष्य, पीएम गति शक्ति और विजन 2047 पर कार्यशाला, समन्वय व डेटा आधारित योजना पर जोर

अल्मोड़ा। विकास भवन सभागार में मंगलवार को सतत विकास लक्ष्य, पीएम गति शक्ति और विजन 2047 विषयों पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस और जिला अर्थ एवं संख्या विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने की।

कार्यशाला में जनपद स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आंकड़ा आधारित योजना निर्माण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने सतत विकास लक्ष्यों के 17 बिंदुओं की जानकारी देते हुए गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई। साथ ही इन लक्ष्यों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग और डेटा अद्यतन रखने पर जोर दिया गया।

पीएम गति शक्ति योजना के तहत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे के विकास और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव और प्रगति विवरण पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किए जाएं, ताकि कार्यों में अनावश्यक विलंब से बचा जा सके।

विजन 2047 के संदर्भ में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर ठोस रणनीति बनाने, जनभागीदारी बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में जनपदों की भूमिका अहम है और इसके लिए पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को कार्यशाला में मिली जानकारियों को धरातल पर लागू करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में योजना विभाग के निदेशक मनोज पंत ने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित राज्य के साथ-साथ विकसित जिला भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपने दायित्वों के प्रति सक्रिय रहते हुए कार्यों को गति देने की अपील की।

कार्यशाला में अजय पुरोहित, नवीन कोरी, अक्षय जायसवाल और नवराज क्षेत्री ने विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार रखे। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न और सुझाव भी साझा किए, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।

कार्यक्रम में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण केएन तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित विभिन्न विभागों के जिला व खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।