अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के निर्देशन में जनपद में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत महिला कोतवाली की टीम ने आईटीआई फलसीमा में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक महिला कोतवाली एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की प्रभारी जानकी भंडारी के नेतृत्व में टीम ने प्रतिभाग किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं और संस्थान के स्टाफ को डिजिटल अरेस्टिंग, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड से बचाव, साइबर अपराधों की पहचान और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पॉक्सो अधिनियम, नए आपराधिक कानूनों में महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और मानव तस्करी के खतरों, पहचान व रोकथाम के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया। साथ ही गौरा शक्ति ऐप के उपयोग और महिला सुरक्षा में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए इससे दूर रहने की अपील की गई और सड़क सुरक्षा के तहत यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने मानस हेल्पलाइन 1933, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी साझा की। अल्मोड़ा पुलिस ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, साइबर धोखाधड़ी या अन्य अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें और जागरूक नागरिक बनकर समाज में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करें।
आईटीआई फलसीमा में साइबर अपराध व नशे के दुष्प्रभावों पर दी जानकारी



